पाकिस्तान में हिंदू लड़की की मौत का मामला उलझा

बीबीसी Updated Wed, 18 Sep 2019 06:39 PM IST
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निमरिता अमरता महरचंदानी
निमरिता अमरता महरचंदानी - फोटो : Twitter
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पाकिस्तान में सिंध प्रांत के शहर लरकाना में डेंटल कॉलेज में एक हिंदू छात्रा निमरिता की मौत का कारण गला घोटना बताया गया है। लेकिन परिवार वालों ने इसे मानने से इनकार करते हुए इसकी न्यायिक जांच की मांग की है।
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शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार निमरिता के गले पर निशन भी मौजूद हैं लेकिन उनकी मौत किस वजह से हुई इसकी पुष्टि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकती है। निमरिता लरकाना में बेनजीर भुट्टो मेडिकल यूनीवर्सिटी के आसिफा बीबी डेंटल कॉलेज की छात्रा थीं, छात्रावास के कमरा नंबर तीन से पिछली रात उनकी लाश बरामद हुई थी।
एसएसपी लरकाना मसूद बंगश ने बीबीसी से बात करते हुए कहा कि पोस्टमॉर्टम के समय निमरिता के भाई मौजूद थे जबकि घटना के समय कमरा अंदर से बंद था। लेकिन उसके बावजूद पुलिस पड़ताल कर रही थी कि यह आत्महत्या है या हत्या। उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने में दो-तीन दिन लग सकते हैं।

दूसरी ओर निमरिता के भाई डॉक्टर विशाल चंदानी ने शुरुआती रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि उनके सामने जांच करने वाले अधिकारियों ने लिखा था कि दोनों हाथों और टांगों पर जख्म के निशान थे लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में इसका उल्लेख नहीं है।

विशाल ने कहा, ''उन्होंने 11-12 बजे रिपोर्ट देने के लिए कहा था लेकिन पांच बजे के बाद हमें रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट में कहा है कि वी-शेप निशान है। मेरे पास एक्स-रे मौजूद है, जिसमें काले रंग का निशान साफ़ दिख रहा है। इसलिए हम रिपोर्ट से बिलकुल भी संतुष्ट नहीं हैं। घटना की न्यायिक जांच कराई जाए।''

इस दौरान बुधवार की रात कराची में तीन तलवार पर हिंदू समुदाय की ओर से निमरिता की मौत की जाँच की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शनकारियों से बात करने के लिए सिंध प्रांत के मंत्री मुकेश चावला पहुंचे लेकिन प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब तक सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह उनसे बात नहीं करते और न्याय मिलने का विश्वास नहीं दिलाते तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

मुकेश चावला के साथ बाद में प्रांतीय सलाहकार मुर्तजा वहाब भी पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि छात्रावास के वॉर्डन के निलंबित किया जाएगा जबकि कुलपति को कारण बताओ नोटिस दिया जाएगा क्योंकि बिना कारण बताओ नोटिस के कुलपति को हटाया नहीं जा सकता। उन्होंने घटना की न्यायिक जांच कराने की मांग को भी स्वीकार किया।

इससे पहले बेनजीर भुट्टो मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉक्टर अनीला अताउर्रहमान ने मंगलवार को निमरिता के परिवार वालों के पास जाकर शोक व्यक्त किया और कहा कि वह इस मामले की जांच कर रहे हैं। लेकिन परिवार वाले इससे संतुष्ट नहीं हुए और कहा कि वे केवल न्यायिक जांच ही स्वीकार करेंगे।
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