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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020
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चंद्र ग्रहण में छोटा सा दान, बनाएगा धनवान : 5 जून 2020

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अनुसूचित जाति का व्यक्ति भी नहीं खरीद सकता एससी की जमीन

हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी अनूसूचित जाति के भूमिधर की जमीन खरीदने से पहले नियमानुसार अनुमति लेना अनिवार्य है, भले ही जमीन खरीदने वाला स्वयं अनुसूचित जाति का सदस्य क्यों न हो। कोर्ट ने इस मामले में याची के गरीब होने और कानून की जानकारी न होने पर समानता का लाभ देने से भी इनकार कर दिया है। अनुसूचित जाति के रामलाल की याचिका खारिज करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्र ने दिया है। याची राम जी लाल ने अपने गांव में एक अन्य अनुसूचित जाति के व्यक्ति से उसकी दो कृषि भूमि खरीदीं थीं। बेचने वाले को यह जमीन ग्राम सभा से आवंटित की गई थी, जिस पर उसे स्थानांतरणीय भूमिधरी का अधिकार प्राप्त था। याची की सेल डीड यह कहते हुए खारिज कर दी गई कि उसने जमींदारी विनाश एवं भूमि सुधार अधिनियम की धारा 157 ए के तहत अनुसूचित जाति की भूमि खरीदने से पूर्व आवश्यक अनुमति प्राप्त नहीं की थी। उसकी सेल डीड खारिज कर जमीन राज्य सरकार में समाहित कर ली गई। इसके खिलाफ एसडीएम वित्त और कमिश्नर ने उसकी अर्जी तथा अपील खारिज कर दी, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी।
याची के अधिवक्ता की दलील थी कि याची स्वयं अनुसूचित जाति का है, इसलिए एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति को दूसरे अनुसूचित जाति के व्यक्ति की जमीन खरीदने के लिए पूर्व अनुमति लेना आवश्यक नहीं है। अधिवक्ता का यह भी कहना था कि याची की सेल डीड रद्द कर जमीन राज्य सरकार में भले ही समाहित कर ली गई है, मगर जमीन पर वास्तविक कब्जा अभी भी याची का ही है। याची गरीब भूमि हीन व्यक्ति है और उसे कानून की जानकारी नहीं है, इसलिए उसे इक्विटी का लाभ दिया जाना चाहिए। कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि कानून की जानकारी न होना कोई बचाव नहीं हो सकता है। कानून में ऐसा कोई उपबंध नहीं है, जिससे यह कहा जा सके कि अनुसूचित जाति के व्यक्ति की जमीन खरीदने के लिए अनुसूचित जाति के क्रेता को अनुमति आवश्यक नहीं है।
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चलने से पहले ही चार ट्रेनें निरस्त,219 यात्री गए मुंबई

प्रयागराज, शिवगंगा एवं पूर्वा एक्सप्रेस के संचालन के बाद मंगलवार से मुंबई के लिए भी ट्रेनों की शुरूआत हो गई। 72 दिन के बाद प्रयागराज से दो ट्रेनें मुंबई के लिए गई। यह दोनों ही ट्रेनें प्रयागराज छिवकी से गई। इस बीच मंगलवार को प्रयागराज छिवकी आने वाली चार ट्रेनें संघमित्रा एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, गोरखपुर-अहमदाबाद, पाटलिपुत्र-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस निरस्त रही। जबकि उक्त ट्रेनों को छिवकी के रास्ते अपने गंतव्य के लिए रवाना होना था।
प्रयागराज छिवकी से मंगलवार की सुबह सबसे पहले लोकमान्य तिलक के लिए मुंबई जनता एक्सप्रेस रवाना हुई। इस ट्रेन से कुल 48 यात्री रवाना हुए। इसके बाद दिन में वाराणसी से मुंबई जाने वाली महानगरी एक्सप्रेस से 171 यात्री अपने गंतव्य के लिए गए। इस तरह से इन दोनों ट्रेनों से कुल 219 यात्री रवाना हुए। वहीं दूसरी ओर प्रयागराज जंक्शन की बात करें तो 72 दिन के बाद हावड़ा-जोधपुर एक्सप्रेस यहां पहुंची। इसके पूर्व अलीपुरद्वार से दिल्ली जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस भी जंक्शन आई। इसके अलावा गाजीपुर-दिल्ली सुहेलदेव एक्सप्रेस भी प्रयागराज पहुंची। वहीं शाम को प्रयागराज एक्सप्रेस आदि ट्रेनें भी अपने नियत समय से रवाना हुई।
प्रयागराज एक्सप्रेस में क्यू आर आधारित आरक्षित टिकट स्कैनिंग प्रणाली हुई लागू
0 प्रयागराज जंक्शन पर पॉयलट प्रोजेक्ट के रूप में क्यूआर आधारित आरक्षित टिकट स्कैनिंग प्रणाली लागू की गई है। इस प्रणाली के कार्यान्वयन के लिए आईआरसीटीसी सर्वर से सीधे क्यू आर कोड उपलब्ध करवाया जा रहा है। प्रयागराज एक्सप्रेस से सफर करने वाले सभी आरक्षित यात्रियों के मोबाइल पर एक क्यूआर कोड भेजा गया। स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों को अपने मोबाइल फोन पर आए क्यूआर कोड कंप्यूटर पर दिखाना पड़ा। इसके बाद कोड स्कैनर द्वारा स्कैन किया गया और रेलवे के सिस्टम में यात्री बोर्डिग की पुष्टि स्वचालित रूप से हो गई। इस व्यवस्था से किसी भी यात्री को टीटीई द्वारा ऑन बोर्ड चेक करने की आवश्यकता नहीं पड़ी, क्योंकि यात्री के बोडिंग की जानकारी सिस्टम में पहले ही दर्ज हो गई। सीनियर डीसीएम अंशु पांडेय ने बताया कि इस मामले में आईआरसीटीसी से विचार विमर्श किया जा रहा है कि क्यू आर कोड सभी ट्रेनों के आरक्षित यात्रियों को भेजा जा सके और यह योजना सभी स्टेेशनों पर लागू की जाए।
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संक्रमित साफ्टवेयर इंजीनियर के घर में किराये पर रह रहा सिपाही परिवार सहित क्वारंटीन

मीरगंज। सॉफ्टवेयर इंजीनियर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मीरगंज के मोहल्ला मेवात की टीचर्स कॉलोनी में रहने वाली उसकी पत्नी और एक साल के बच्चे सहित माता-पिता और घर में किराये पर रह रहे सिपाही को पत्नी एवं एक साल के बच्चे सहित बरेली स्थित तीन सौ बेड के अस्पताल भेज दिया है। मोहल्ले में पुलिस तैनात कर दी गई है।
कस्बे का 32 वर्षीय युवक नोएडा की एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। वह दिल्ली के ओखला में किराये पर रहता था। 24 मई को मीरगंज अपने घर आया था। उसी दिन मीरगंज सीएचसी जाकर जांच कराई, लेकिन कोरोना के लक्षण न दिखने पर उसे घर भेज दिया गया। 30 मई को वह फिर जांच कराने गया तो डॉक्टरों ने उसे तीन सौ बेड अस्पताल भेज दिया। वहां उसका सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया। मंगलवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। सूचना मिलते ही मीरगंज सीएचसी के एमओआईसी डॉ. अमित कुमार ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर और सिपाही के परिवार को एंबुलेंस से तीन सौ बेड अस्पताल भेज दिया। मोहल्ला पहले से ही हॉटस्पॉट है। अब एक और संक्रमित मिलने के बाद पुलिस बल बढ़ा दिया गया है।
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नर्सिंग होम संचालक सहित दो और लोग कोरोना पॉजिटिव, 108 पहुंची मरीजों की संख्या

 जिले में बुधवार को कोरोना के दो नए मामले सामने आए हैं। इसमें एक नखासकोहना का नर्सिंग होम संचालक है, जबकि दूसरा कोरांव के बैदवार कला का है। दो नए मामले सामने आने से जिले में कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 108 हो गई है। बैदवार कला और नखासकोहना इलाके की पत्थरगली हॉटस्पॉट में शामिल कर इन इलाकों को सील कर दिया गया है। नर्सिंग होम संचालक के सोर्स का पता नहीं चला है।  

नर्सिंग होम संचालक का कोई यात्रा इतिहास नहीं है। उसका डॉक्टर पुत्र भी नर्सिंग होम में प्रैक्टिस करता है। चार दिन पहले नर्सिंग होम संचालक को बुखार, खांसी की शिकायत हुई तो उन्होंने एसआरएन में आकर दिखाया। उन्हें संदिग्ध वार्ड में भर्ती कर लिया गया था। बुधवार को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। एसआरएन के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव ने इसकी पुष्टि की। नर्सिंग होम संचालक को कोरोना वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से नर्सिंग होम को सील कर दिया गया है। 

कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि नर्सिंग होम संचालक परिवार के सभी सदस्यों की जांच कराई जाएगी। उधर, कोरांव तहसील के बैदवार कला का पॉजिटिव आया व्यक्ति फरीदाबाद में रहकर प्राइवेट जॉब करता था। तबीयत खराब होने पर उसने 31 मई को फरीदाबाद में ही जांच कराई। वहां से रिपोर्ट पाजिटिव आने पर युवक को कोटवा बनी भेज दिया गया, जबकि उसके परिवार के लोगों को होम क्वारंटीन करा दिया गया है।  उधर, मंगलवार की देर रात पॉजिटिव आए तीन लोगों में एक युवक कोराव के टुंडीयार गांव का है। वह 28 मई को मुंबई से लौटा था। उसके माता-पिता, पत्नी, बहन सहित परिवार के सात लोगों को होम क्वारंटीन करा दिया गया हैं, दूसरा युवक दिल्ली से लौटा है। वह कौंधियारा ब्लॉक के बड़गोहना कला का रहने वाला है। वह 26 मई को दिल्ली से आया था। उसकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। 


करेली की पॉजिटिव आई महिला का पति भी संक्रमित
करेली में दो दिन पहले पॉजिटिव आई महिला का पति भी कोरोना संक्रमित हो गया है। बुधवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पत्नी के पॉजिटिव आने के बाद पति की जांच कराई गई थी। पत्नी एसआरएन में भर्ती है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें भी एसआरएन भेज दिया गया।
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थाईलैंड में बन रही कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर) थाईलैंड में बन रही कोरोना वैक्सीन (सांकेतिक तस्वीर)

संपत्ति के लिए दंपती की नृशंस हत्या, दो भतीजे गिरफ्तार

प्रयागराज। संपत्ति के लिए शिवकुटी थाना क्षेत्र के मेंहदौरी गांव में रहने वाले हाजी इरफान और उनकी पत्नी हुस्ना बेगम उर्फ मोइस फातिमा की नृशंस हत्या कर दी गई। दोनों सोमवार से लापता थे। बुधवार की सुबह सूचना मिलने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अंदर खून बिखरा मिला। पुलिस ने इस मामले में हाजी इरफान के दो भतीजों को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया। दोनों ने हत्या की बात कबूल कर बताया कि उन्होंने दंपती के शव नए यमुना पुल से नदी में फेंक दिए।

 मेंहदौरी गांव के रहने हाजी इरफान (48) और उनकी पत्नी हुस्ना बेगम उर्फ मोइस फातिमा (40) की कोई संतान नहीं थी। हुस्ना बेगम बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थीं। सोमवार की शाम से उनके घर में ताला लगा था। बुधवार की सुबह तक जब कोई खोज खबर नहीं लगी तो पड़ोस में रहने वाले उनके भाई रिजवान ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक मोहल्ले के काफी लोग और रिश्तेदार भी पहुंच गए थे। ताला तोड़ा गया। अंदर खून बिखरा पड़ा था। पुलिस अधिकारी समझ गए कि दोनों के साथ कोई अनहोनी हो गई है। फील्ड यूनिट को बुलाया गया। खोजी कुत्ता इरफान के घर से निकल कर सीधे उनके भाई रिजवान के घर में घुस गया।

भतीजे सिराज की टी-शर्ट को सूंघकर वह भौंकने लगा। पुलिस ने उसके बारे में दरियाफ्त की तो पता चला कि वह मंगलवार की रात अपने भाई मिराज के साथ कार लेकर निकला है। पुलिस ने शक के दायरे में आए सिराज और मिराज के मोबाइल नंबरों के लोकेशन के आधार पर कुछ ही देर में खोज निकाला कि दोनों कानपुर में हैं। इस पर कानपुर क्राइम ब्रांच से संपर्क किया गया। एक टीम यहां से भी तुरंत रवाना कर दी गई। मिराज और सिराज को गिरफ्तार कर देर शाम यहां लाया गया। दोनों ने बयान दिया है प्रॉपर्टी के लिए उन्होंने अपने चाचा और चाची को मार कर यमुना में फेंक दिया। पुलिस शवों की तलाश में जुटी थी।

एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बताया इरफान और उसकी पत्नी की हत्या उनके ही भतीजों ने प्रॉपर्टी के लिए की है। इरफान के कोई औलाद नहीं थी। भतीजों को लगा कि उनके मरने के बाद उनकी पूरी  प्रॉपर्टी उन्हें मिल जाएगी। 
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बेरोजगारों के हाथ से नौकरी फिसली

हाथ में आई नौकरी अंतिम समय में फिसली
0 शिक्षक भर्ती काउंसलिंग में बुलाए गए अभ्यर्थी हुए निराश, सता रही भविष्य की चिंता
डॉ. अखिलेश मिश्र
प्रयागराज। पीसीएस, एसएससी, माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड जैसी भर्ती संस्थाओं की कई परीक्षाओं में अंतिम मौके पर चयन से बाहर होने के बाद बेरोजगारों के लिए प्राथमिक विद्यालयों के लिए शिक्षक की नौकरी बची थी, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद वह भी हाथ में आकर फिसलती नजर आ रही है। चार बार पीसीएस मुख्य परीक्षा और दो बार साक्षात्कार तक पहुंचे भदोही के उमेश दुबे का काउंसलिंग के लिए चयन अलीगढ़ के लिए हुआ था, वह निराश हैं कि नौकरी हाथ में आकर चली गई। आगे कोर्ट का क्या निर्णय होगा, इसके लिए कितना इंतजार करना पड़ेगा, कुछ कहा नहीं जा सकता।
शहर के अल्लापुर की डॉली मिश्रा का काउंसलिंग चयन प्रतापगढ़ के लिए हुआ है, वह चार जून को काउंसलिंग की तैयारी में थीं, अब कोर्ट की रोक के बाद नौकरी की उम्मीद डूबती नजर आ रही है। वह लगातार माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सहित दूसरी शिक्षक भर्ती परीक्षाओं में साक्षात्कार तक पहुंच चुकी हैं। इनका कहना है कि पहले तो कोर्ट की रोक के चलते डेढ़ वर्ष इंतजार किया, अब कितना और करना है पता नहीं। शाहजहांपुर में काउंसलिंग के लिए चुने गए अनुराग लगातार उत्तर प्रदेश लोक सेवा की कई परीक्षाओं में सफल हुए हैं। साक्षात्कार में सफलता नहीं मिलने से उन्हें भी प्राथमिक शिक्षक की नौकरी का इंतजार था। अब कोर्ट की रोक से निराश हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं सहित शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे विकास कुमार मिश्र का काउंसलिंग के लिए चयन लखीमपुर खीरी के लिए हुआ है, वह निराश हैं कि एक नौकरी हाथ आई थी वह भी निकल गई। काउंसलिंग पर रोक के फैसले के बाद डेढ़ वर्ष से शिक्षक भर्ती परीक्षा के रिजल्ट का इंतजार कर रहे बेरोजगारों को अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है।
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असमंजस में पान गुटखा कारोबारी, दुकान खोलें या बंद रखें

teacher
एक जून से शुरू हुए अनलॉक की वजह से शहर में तकरीबन सभी ट्रेड की दुकानें खुलनी शुरू हो गई हैं। लेकिन, पान, सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला, तंबाकू बेचने वाले कारोबारी कोई स्पष्ट गाइड लाइन न होने से अब भी असमंजस में हैं कि वह अपनी दुकानें खोले या नहीं। यूं तो शहर में कुछ पान विक्रेताओं ने अपनी दुकानें खोल ली हैं, लेकिन उन्हें भी इस बात का डर है कि कहीं उनकी दुकानें भी बंद न करवा दी जाए।
प्रयागराज की बात करें तो यहां पान, गुटखा, सिगरेट आदि की तकरीबन नौ हजार दुकानें हैं। जिला पान सामग्री विक्रेता संघ का मानना है कि प्रयागराज शहर में ही माह भर में 25 करोड़ से ज्यादा का कारोबार गुटखा, पान, सिगरेट आदि का हो जाता है।
लॉकडाउन के बाद ही पान, गुटखा आदि की दुकानें बंद चल रही है। हालांकि, चोरी छिपे तमाम कारोबारियों ने लॉकडाउन अवधि में भी मुंहमांगे दाम पर इसकी बिक्री की। अब एक जून से अनलॉक शुरू होने के बाद जिला प्रशासन ने तमाम ट्रेड की दुकान खोलने की अनुमति दी, लेकिन प्रशासन द्वारा जारी की गई लिस्ट में पान, गुटखा, सिगरेट आदि की दुकानों को खोले जाने का उल्लेख नहीं है। जिला प्रशासन द्वारा 31 मई को जारी की गई सूची की क्रम संख्या 31 में यह जरूर लिखा है कि सार्वजनिक स्थानों पर मदिरा पीना, पान, गुटखा खाना निषिद्ध रहेगा।
यह लाइन पढ़ने के बाद इस पेशे से जुड़े कारोबारियों का यही लगा कि वह एक जून से अपनी दुकान खोल सकते हैं, कुछ ने अपनी दुकानें खोली भी, लेकिन बहुत से कारोबारियों ने अपनी दुकानें अब तक नहीं खोली है। इस असमंजस की स्थिति को लेकर जिला पान सामग्री विक्रेता संघ के पदाधिकारियों ने बुधवार को बैठक की। बैठक में कहा गया कि अभी तक तय नहीं हो पाया है कि पान, सिगरेट आदि पेशे से जुड़े कारोबारी अपनी दुकान खोल सकते हैं या नहीं। जिला प्रशासन इस बारे में स्पष्ट करें। प्रशासन की जो भी गाइड लाइन होगी उसक सभी कारोबारी पालन करेंगे।संघ के अध्यक्ष राजीव कृष्ण श्रीवास्तव ने कहा कि जिले में शराब की दुकानें खुल रही है। इसी तरह से पान उससे जुड़ी सामग्री की दुकानें भी खोलने की अनुमति दी जाए। कारोबारी प्रशासन को आश्वस्त करते हैं कि दुकान पर किसी को भी पान या गुटखा आदि नहीं खाने दिया जाएगा। बैठक में नवरत्न रस्तोगी, राजेश केसरवानी, विनय मालवीय, मनोज गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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ससुराल में आया अशरफ, सूचना पर पुलिस का छापा

पूर्व सांसद अतीक के छोटा भाई व दो लाख के इनामी अशरफ की तलाश में पुलिस ने बुधवार को कौशाम्बी के पूरामुफ्ती स्थित हटवा गांव में छापा मारा। हालांकि, वह नहीं मिला। पुलिस को सूचना मिली थी कि वह पिछले दिनों अपने ससुराल आया था। पुलिस ने उसके ससुराल से कुछ लोगों को पकड़ा है। उनसे पूछताछ की जा रही है। कई लोगों के मोबाइल कॉल डिटेल्स चेक किए गए। कुछ संदिग्ध नंबरों के बारे में पूछताछ की जा रही थी।
एसपी सिटी बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि सूत्रों से पता चला था की इनामी अपराधी अशरफ हटवा स्थित अपनी ससुराल में है। सूचना पर सीओ सिविल लाइंस थानाध्यक्ष शाहगंज, इंस्पेक्टर करेली, इंस्पेक्टर धूमनगंज और क्राइम ब्रांच की टीम ने एक साथ हटवा स्थित उसकी ससुराल में छापा मारा। घर खंगाला गया, लेकिन अशरफ नहीं मिला। अब पुलिस पता लगाने में जुटी है कि अशरफ वहां गया था या नहीं। ससुराल वालों ने अशरफ के वहां होने से पूरी तरह से इनकार किया है। हालांकि, पुलिस ने वहां से कई लोगों को पकड़ा है, उनसे पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल कॉल डिटेल्स भी देखे जा रहे हैं।
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लॉक डाउन अवधि में जितने दिन बन्द रहे स्टॉल उतने दिन का शुल्क होगा माफ

लॉकडाउन की वजह से बीते दो माह से आर्थिक तंगी झेल रहा उतर मध्य रेलवे प्रशासन अपने सैंकड़ों वेंडरों को राहत देने जा रहा है। रेलवे ने तय किया है कि प्रयागराज, झांसी एवं आगरा मंडल में जितने दिनों तक स्टेशनों के खान-पान के स्टॉल बन्द रहे, उनसे उक्त दिनों का किसी भी तरह का कोई भी शुल्क न लिया जाए। इतना ही नहीं रेलवे ने वर्तमान समय में रेलवे स्टेशनों पर आने वाली ट्रेनों की संख्या के मुताबिक ही वेंडरों से शुल्क लेने की तैयारी की है।
दरअसल 22 मार्च 2020 से ही उतर मध्य रेलवे के स्टेशनों पर खान-पान के स्टॉल, साइकिल स्टैंड आदि बंद चल रहे थे। लॉकडाउन अवधि में स्टॉल और स्टैंड बंद होने से इसके संचालकों और वहां काम करने वाले वेंडरों को काफी नुकसान हुआ।
इसके मद्देनजर रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को अपने स्तर से निर्णय लेने की अनुमति दी कि वह जितने दिन ट्रेन नहीं चली और स्टॉल बन्द रहे इतने दिन का लाइसेंस शुल्क माफ कर दिया जाए। बता दें एनसीआर के विभिन्न स्टेशनों पर खानपान के तकरीबन 500 स्टॉल है।
अकेले प्रयागराज मंडल में विभिन्न स्टेशनों पर खानपान के तकरीबन 200 स्टॉल हैं। रेलवे की ओर से स्टेशनों पर खान-पान स्टॉल और साइकिल स्टैंड का लाइसेंस देने की एवज में लाइसेंस शुल्क लिया जाता है। पहली जून से ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद अब चर्चा है कि रेलवे लॉक डाउनलोड के दौरान जितने दिन खानपान के स्टॉल बंद रहे उतने दिनो का शुल्क व संबंधित वेंडरों से नहीं लेगा।
प्रयागराज मंडल के वाणिज्य विभाग की ओर से इस बारे में कागजी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। जोन के सीपीआरओ अजीत सिंह का कहना है कि जोनल स्तर पर इस बारे में मंथन जारी है। उम्मीद है कि जितने दिन स्टॉल बंद किए गए, उतने दिनों का शुल्क नहीं लिया जाएगा या लाइसेंस शुल्क की मियाद बढ़ा दी जाएगी। यानी कि अगर किसी का लाइसेंस दिसंबर 2020 में खत्म होना है तो वह फरवरी 2020 तक मान्य रहेगा।
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काउंसलिंग में पहुंचे लोगों का उत्साह, कोर्ट की रोक के बाद फीका हुआ

कोरोना काल में शिक्षक भर्ती की काउंसलिंग के लिए पहले दिन दिव्यांग, दिव्यांग महिला-पुुरुष एवं महिलाओं को बुलाया गया। नौकरी की आस में मन से बीमारी का खौफ निकाल कर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी काउंसलिंग सेंटर पर पहुंच गए थे। लेकिन जैसे ही भर्ती पर कोर्ट से रोक लगने की सूचना मिली तो उनका सारा उत्साह ठंडा पड़ गया।बुधवार सुबह काउंसलिंग के तय समय नौ बजे तय से पहले से ही सेंट एंथनी गर्ल्स इंटर कॉलेज के बाहर अभ्यर्थियों एवं उनके साथ आए लोगों के वाहन की कतार लग गई।
जिले में पहले दिन 292 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया, इसमें से 274 अभ्यर्थी काउंसलिंग के लिए पहुंचे। हालांकि बाद में जब अभ्यर्थियों को जब कोर्ट के आदेश की जानकारी हुई तो वे निराश हो गए। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के आदेश के बाद काउंसलिंग बंद किए जाने के समय चार अभ्यर्थी पहुंचे तो उन्हें वापस कर दिया गया। काउंसलिंग के दौरान विभागीय अधिकारी अभ्यर्थियों एवं उनके साथ के लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाते रहे। काउंसलिंग के समय बीएसए संजय कुमार कुशवाहा अपनी पूरी टीम के साथ उपस्थित रहे।
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पिता ने बेटे को पीट पीटकर मार डाला

बेटा रुपये चोरी कर लेता था और इधर-उधर घूमता था, इसी बात से नाराज पिता ने इकलौते बेटे को पीट पीटकर मौत के घाट उतार दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने हत्यारोपी पिता को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
बहरिया थाना क्षेत्र के जुगनीडीह के मजरा गांव पूरे शाहजी निवासी उबैद हुसैन मंगलवार की रात करीब 11 बजे अपने इकलौते बेटे फैजान (13) की डंडे से पिटाई करने लगा। फैजान के चिल्लाने पर उसकी बहनें बीच बचाव करने लगीं। लेकिन, उबैद ने फैजान के दोनों हाथ-पैर रस्सी से बंाध कर डंडे से तब तक पीटा जब तक उसने दम नहीं तोड़ दिया। बेटे की मौत के बाद उबैद गुमसुम दरवाजे के सामने बैठ गया। बेटियों के रोने चिल्लाने पर मुहल्ले के लोग आ गए। सुबह किसी ने 112 नंबर पर डायल कर पीआरवी पुलिस को जानकारी दी। पीआरवी पुलिस ने घटना की सूचना बहरिया थाने को दी। इंस्पेक्टर बहरिया मनोज कुमार पाठक पुलिस बल के साथ पहुंचे और उबैद हुसैन को हिरासत में ले लिया। घटना की जानकारी होने पर क्षेत्राधिकारी फूलपुर उमेश कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर पड़ताल की। पुलिस ने फैजान का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उबैद हुसेन ने बेटे की हत्या की बात कबूल ली। उसने बताया कि फैजान घर से पैसा चोरी कर लेता था और इधर उधर घूमता रहता था। इसी कारण उसने बेटे को मार डाला। बड़ी बेटी इज्मा बानो की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर उबैद हुसैन को जेल भेज दिया।
मामूली बात में फैजान की हत्या से लोग स्तब्ध
मामूली विवाद पर फैजान की हत्या से लोग स्तब्ध रह गए। फैजान गांव के ही एक स्कूल में कक्षा पांच में पढ़ता था। फैजान की मां की मौत भी कुछ वर्ष पहले भी संदिग्धावस्था में हो गई थी। उबैद ईंट भट्टे पर मजदूरी कर किसी तरह से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। अब घर में फैजान की दो बड़ी बहनें हैं।
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धारदार हथियार से गला रेतकर सफाईकर्मी की हत्या

घर से सौ मीटर दूर पुराने सगरा पर गए सफाईकर्मी की गला रेत कर हत्या कर दी गई। कटी हुई गर्दन को पकड़े हुए घायल सफाईकर्मी घर के दरवाजे तक पहुंचा और पर गिर कर तड़पने लगा। तड़पते हुए युवक को लेकर परिजन अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची इलाकाई पुलिस कार्यवाही में जुटी।
भारतगंज कस्बा वार्ड नं छह मंगलवारी बाजार निवासी साजन कुमार (20) पुत्र राजेश कुमार नगर पंचायत में संविदा सफाईकर्मी के पद पर तैनात था। साजन के पिता राजेश मुजफ्फरनगर में विद्युत विभाग के कर्मचारी हैं। वहीं बड़ा भाई सूरज भी नगर पंचायत में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत है।
कोरोना के चलते मेजा रोड में बनाए गए अस्थाई क्वारंटीन सेंटर पर साफ-सफाई के लिए साजन कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी। बुधवार को शाम लगभग पांच बजे साजन ड्यूटी कर मेजा रोड से भारतगंज कस्बे अपने घर लौटा था। जिसके बाद घर से लगभग सौ मीटर दूर स्थित पुराना सगरा पर शौच के लिए निकला था। शाम लगभग साढ़े सात बजे पुराना सगरा पर साजन (20) की गर्दन धारदार हथियार से रेत दी गई। तड़पता और खून से सराबोर हुआ साजन कुमार घर की तरफ भागा और घर के दरवाजे पर पहुंच जमीन पर गिर पड़ा और तड़पने लगा।
घर के अंदर मौजूद उसके मामा मिठ्ठू व भाई हिमांशु घर से बाहर निकले और उसे तड़पता देख अवाक रह गए। आनन-फानन में परिजन उसे लाद कर इलाज के लिए सीएचसी मांडा पहुंचाया। जहां मौजूद डॉक्टरों ने साजन कुमार (20) को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची इलाकाई पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में पुराना सगरा से लेकर घर तक खून के छींटे बिखरे पड़े मिले है। वहीं घटना स्थल पुराना सगरा पर नमकीन का पैकेट व खुली नमकीन बिखरी मिली है। परिजन डॉग स्क्वायड बुलाने और हत्यारों के पकडे़ जाने की मांग कर रहे थे। परिजनों को शांत कराकर पुलिस ने लाश अपने कब्जे में लेकर पीएम हेतु शहर भेज दिया। मामले में पुलिस को किसी प्रकार की तहरीर नही दी गई है। मृतक तीन भाइयों में दूसरे नम्बर पर था। बड़ा भाई सूरज व छोटा भाई हिमांशु का रो रोकर बुरा हाल है। वहीं मृतक की बड़ी बहन कोमल व छोटी बहन शिवानी को रोता बिलखता देख पड़ोसी भी भावुक हो पड़े।
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