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राजस्थान

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

कोरोना वायरस: ईरान से लाए गए 277 लोगों को जोधपुर के आर्मी वेलनेस फेसिलिटी में रखा गया

कोरोना वायरस प्रभावित ईरान की राजधानी तेहरान से लाए गए 277 लोगों का समूह बुधवार को तड़के दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा। इसके बाद सभी 277 लोगों को दिल्ली से  राजस्थान के जोधपुर लाया गया। जोधपुर हवाई अड्डे पर पहुंचने पर सभी की प्रारंभिक जांच की गई उसके बाद उन्हें जोधपुर स्थित आर्मी वेलनेस फेसिलिटी केंद्र में ले जाया गया। 

सेना के एक प्रवक्ता संबित घोष ने बताया कि ईरान से इन लोगो के यहां पहुंचने पर सभी की प्रारंभिक जांच की गई और उसके बाद उन्हें जोधपुर सैन्य स्टेशन में स्थापित आर्मी वेलनेस फेसिलिटी ले जाया गया।

सेना ने जोधपुर के प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों के समन्वय से पर्याप्त चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक प्रबंध किए हैं ताकि ईरान से लाए गए लोगों को यहां रहने में कोई दिक्कत न हो और उन्हें कोरोना से लड़ने के लिए चिकित्सकीय मदद दी जा सके। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने बताया कि ईरान से लाए गए 277 लोगों में से 273 तीर्थयात्री हैं।

उन्होंने बताया कि इन लोगों में पांच बच्चों और एक मासूम के अलावा 149 महिलाएं और 128 पुरुष शामिल है। प्रवक्ता ने बताया कि आर्मी वेलनेस फेसिलिटी में सेना के चिकित्सकों की एक समर्पित टीम है जो ईरान से लाए गए लोगों के यहां रहने के दौरान उनके स्वास्थ्य संबंधी पैमानों पर लगातार नजर रखेगी। ईरान कोरोना वायरस के घातक संक्रमण से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

राजस्थान में संक्रमितों की संख्या 36 हो गई 
राजस्थान में बुधवार को कोरोना वायरस के चार नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। चार पॉजिटिव लोगों में भीलवाड़ा के दो चिकित्सा कर्मी शामिल हैं। इसके साथ ही राज्य में कुल मामलों की संख्या 36 हो गई है।
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मिलिए जयपुर के कोरोना योद्धा से: बनना चाहते थे आईएएस अफसर, अभी बचा रहे लोगों को

दुनिया में बुरी तरह से फैले कोरोना ने लगभग सभी देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। कोरोना से निपटने के लिए सरकार तो अपनी तरफ से लगातार कोशिशें कर ही रही हैं लेकिन देश में कुछ ऐसे भी योद्धा हैं जो कोरोना से लड़ने के लिए तत्पर है। ऐसा ही एक कोरोना योद्धा जयपुर एयरपोर्ट पर तैनात है जो लोगों की कोरोना टेस्टिंग कर रहे हैं। 32 वर्षीय राकेश सैनी जयपुर के सरकारी अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर हैं लेकिन 28 जनवरी से जयपुर एयरपोर्ट पर काम कर रहे हैं।   

राकेश सैनी का कहना है कि जब इस मिशन के लिए डॉक्टर्स की टीम बन रही थी तब उन्होंने खुद की इच्छा से आने का फैसला किया था। कोरोना से लड़ने के लिए जिस समय लोग दूरी बना रहे थे तब हम गहराई से इसका आकलन कर रहे थे।
 
एयरपोर्ट में तैनात डॉक्टर्स की टीम में 5-6 डॉक्टर हैं। जब कोई अंतरराष्ट्रीय विमान से आता है तो डॉक्टर की टीम उसकी थर्मल टेस्टिंग करती है, उस समय ज्यादातर लोगों में बुखार के लक्षण दिखाई देते थे। यात्रियों से उनके खांसी, जुकाम से संबंधित लक्षणों और पिछली यात्रा के बारे में सवाल किए जाते थे। ऐसे यात्रियों को कोरोना से संबंधित सूचना दी जाती थी और एक हेल्पलाइन नंबर दिया जाता था।

सैनी के मुताबिक कोरोना के लक्षणों का पता लगने में कम से कम 28 दिन का समय लगता है। अगर किसी ने पैरासिटामोल ली है तो वह थर्मल स्क्रीनिंग से बच जाएगा। अगर किसी में कोरोना के लक्षण देखे जाते हैं तो उसे जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। व्यक्ति के कोरोना से संक्रमित हो जाने पर मेडिकल टीम उस फ्लाइट के सभी यात्रियों की जांच करती है।

राकेश सैनी के परिवार वालों ने नौकरी के बारे में पता चलने पर आपत्ति जताई। परिवारवालों ने राकेश सैनी से खुद का ज्यादा से ज्यादा ध्यान रखने को कहा। हालांकि राकेश का कहना है कि वे लोगों की जांच करने से पहले रक्षा के जरूरी इंतजाम कर लेते हैं। मेडिकल की पढ़ाई करने की प्रेरणा राकेश सैनी को उनकी बड़ी बहन से मिली। राकेश ने जयपुर से एमबीबीएस की पढ़ाई की है। साथ ही स्टेट मेडिकल एग्जाम में 11वीं रैंक सुरक्षित की। राकेश ने अपने गांव में मलेरिया और डेंगू को लेकर लंबी लड़ाई लड़ी है। राकेश के प्रयासों के बाद उनके गांव में बड़ा सुधार देखने को मिला है। 

हालांकि राकेश सैनी आईएएस अफसर बनने चाह रखते हैं। उनका मानना है कि आईएएस बनकर किसी भी समस्या की जड़ तक पहुंचा जा सकता है। राकेश ने पांच बार आईएएस की परीक्षा दी जिसमें से 4 बार फाइनल इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन वो सपना पूरा नहीं हो पाया। वो बात अलग है कि अभी कोरोना से लड़ने वक्त वो एक तरह से देश की सेवा कर रहे हैं। 
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कोरोना वायरस: राजस्थान में सामने आए छह नए मामले, 23 हुई संक्रमित मरीजों की संख्या

राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण के छह नए मामले सामने आए हैं और इसके साथ ही राज्य में अब तक इसके 23 मामले सामने आ चुके हैं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि 42 संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने बताया कि छह में से पांच लोग उस निजी अस्पताल के कर्मी हैं जहां एक चिकित्सक कोविड-19 से संक्रमित पाया गया था।

उन्होंने बताया कि एक अन्य मामला जयपुर में सामने आया है और इसके साथ ही राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 23 हो गए हैं जिनमें से तीन मरीज अब बीमारी से उबर चुके हैं। इन तीन में एक इटली पर्यटक दंपती भी है।

हालांकि चिकित्सकों ने बताया कि बीमारी से उबर चुके 69 वर्षीय इटली के व्यक्ति ने बाद में दिल का दौरा पड़ने के कारण गुरुवार रात को एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया था। वह दिल और फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित था।

भीलवाड़ा जिला प्रशासन ने शहर की सीमाएं बंद कर दी हैं और वायरस को फैलने से रोकने के लिए सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी है। झुंझूनू में भी इसी प्रकार के कदम उठाए गए हैं जहां तीन लोग संक्रमित हैं।
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कोरोना: राजस्थान में सरकारी अधिकारियों को सीएम फंड में तीन दिन के बजाय दो दिन का वेतन देना होगा

राजस्थान सरकार ने गुरुवार को दो आदेशों में मामूली संशोधन किए, जिसमें एक आदेश कोविड-19 से निपटने के लिए राज्य कर्मचारियों द्वारा मुख्यमंत्री राहत कोष में योगदान के संबंध में था और दूसरा आदेश मार्च महीने में आंशिक वेतन में कटौती के लिए जारी किया गया था। 

राहत राशि के लिए राज्य कर्मचारियों के योगदान के बारे में 27 मार्च को जारी किए गए अपने आदेश को संशोधित करते हुए, सरकार ने अब निर्णय लिया है कि राज्य के अधीनस्थ सेवाओं के अधिकारी/कर्मचारी जिन्हें वेतन मैट्रिक्स के स्तर 5 से 9 के तहत मिलता है, उन्हें फंड में तीन दिनों के वेतन के बजाय दो दिनों का वेतन देना होगा। वही, इस महीने भुगतान करने के लिए आंशिक वेतन में कटौती के लिए 31 मार्च को जारी आदेश में भी मामूली संशोधन किए गए।

संशोधित आदेश के अनुसार, वेतन मैट्रिक्स के स्तर 1 से 4 के तहत राज्य सरकार के कर्मचारियों को अब वेतन स्थगित करने से छूट दी गई है। इससे पहले, उन्हें सकल वेतन में 30 फीसदी आस्थगित की श्रेणी में शामिल किया गया था।

31 मार्च को राज्य मंत्रिमंडल ने कोरोना वायरस महामारी संकट के मद्देनजर मार्च के लिए चार अलग-अलग श्रेणियों में मुख्यमंत्री से लेकर राज्य कर्मचारियों तक के 75 फीसदी, 60 फीसदी, 50 फीसदी और 30 फीसदी तक सकल वेतन को स्थगित करने का फैसला किया था।  
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राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत

बीकानेर: चारे के ढेर में दब कर दो बच्चों की मौत, बेखबर माता-पिता करते रहे फसलों की कटाई

कोरोना का कहर: जयपुर में ओमान से लौटे व्यक्ति ने 13 को किया संक्रमित

सोशल डिस्टेंसिंग और लॉकडाउन को लेकर लोगों में गंभीरता नहीं दिख रही है। धार्मिक स्थलों को बंद रखने के सरकार के आदेश के बावजूद राजस्थान में अजमेर जिले के सरवर इलाके में ख्वाजा फखरुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर आयोजित उर्स में 100 से ज्यादा लोग जमा हो गए। इसके बाद पुलिस को लोगों को हटाने के लिए हल्के बल का प्रयोग करना पड़ा।

जिला प्रशासन ने बताया कि लॉकडाउन उल्लंघन के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, जयपुर का रामगंज इलाका कोरोना का प्रमुख केंद्र बन चुका है। बुधवार को यहां रहने वाले 13 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई। जानकारी के अनुसार यहां 11 मार्च को ओमान से आए हैं।

एक व्यक्ति में संक्रमण की पुष्टि हुई थी और उसी के जरिए कई लोग वायरस से संक्रमित हो गए। वहीं दूसरी ओर ईरान से जोधपुर और जैसलमेर लाए गए 1036 लोगों में से 123 लोगों की रिपोर्ट मंगलवार को आई तो सभी ने राहत की सांस ली। सभी की रिपोर्ट निगेटिव है।

उधर, पश्चिम बंगाल में कोरोना के चलते दो और लोगों की मौत हो गई।  स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि हावड़ा और उत्तर 24 परगना जिले में दो मरीजों की मौत हुई है। दोनों ही 57 वर्ष के थे।
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राजस्थान: अगले छह महीने में सेवानिवृत्त होने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सेवा विस्तार

राजस्थान सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के उन कर्मचारियों को सेवा विस्तार देने का फैसला किया है। जो अगले छह महीने यानी अगस्त 2020 तक सेवानिवृत्त होने वाले थे। राज्य सरकार ने मंगलवार को इस आशय का आदेश जारी किया।

इसके तहत इस महीने यानी मंगलवार 31 मार्च से लेकर 31 अगस्त तक सेवानिवृत्त होने वाले चिकित्सकों,पैरा मेडिकल कार्मिकों की सेवानिवृत्ति आगे बढ़ा दी गई है। इनको एक महीने से लेकर छह महीने तक सेवा विस्तार दिया गया है।

एक उच्च पदस्थ अधिकारी के अनुसार चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग के जो कर्मचारी आज मंगलवार को सेवानिवृत्त होने वाले थे उनकी सेवाएं छह महीने यानी 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। वहीं अगस्त माह में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को फिलहाल एक महीने का सेवा विस्तार दिया गया है।

चिकित्सा व स्वास्थ्य विभाग ने वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद मंगलवार को इस आशय का आदेश जारी किया। स्वीकृति में कहा गया है कि राज्य में कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए यह पहल की गई है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर मंगलवार को 83 हो गई है जिनमें से सात लोग वे हैं जिन्हें ईरान से जोधपुर लाया गया था।
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राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी होंगी ब्रह्माकुमारीज की नई प्रमुख,  जानकी दादी की जगह लेंगी

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत
ब्रह्माकुमारीज संस्थान की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी जानकी की मृत्यु के बाद अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी को नई प्रमुख बनाया गया है। ब्रह्माकुमारीज संस्थान की प्रबंध समिति ने यह फैसला लिया। इसके साथ ही संस्थान की संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतनमोहिनी को अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बनाया गया है तथा संयुक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी ईशू दादी को बनाया गया है।

राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी के पास संस्थान के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग तथा सांस्कृतिक प्रभाग के अध्यक्ष का भी दायित्व है। राजयोगिनी दादी का जन्म एक जुलाई, 1926 को हैदराबाद पाकिस्तान के सिंध में हुआ था। वो नौ साल की उम्र में ही संस्थान आ गई थीं और तब से आज तक संस्था से जुड़ी हैं। 

बता दें कि शुक्रवार तड़के आध्यात्मिक संगठन ब्रह्माकुमारी संस्था की मुख्य प्रशासिका और स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसेडर राजयोगिनी दादी जानकी का निधन 104 साल की उर्म में हो गया। उन्होंने माउंट आबू के ग्लोबल हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। जानकारी के मुताबिक उन्होंने शुक्रवार तड़के अंतिम सांस ली।

दादी जानकी देवी के ट्वीटर हैंडल से ट्वीट कर बताया गया, 'प्रिय मित्रों, प्यार भरे विचारों के साथ, हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि हमारी प्रिय दादी जानकी, ब्रह्म कुमारी की आध्यात्मिक प्रमुख का 27 मार्च को प्रात: दो बजे निधन हो गया है।'
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राजस्थान में बड़ा फेरबदल, छह आईएएस और 22 आरएएस अधिकारियों के तबादले

राजस्थान सरकार ने शनिवार देर रात भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के छह अधिकारियों और राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 22 अधिकारियों का तबादला कर दिया। कार्मिक विभाग की ओर से देर रात जारी आदेशानुसार, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) के अध्यक्ष रविशंकर श्रीवास्तव को विभागीय जांच का आयुक्त बनाया गया है।

वहीं रोडवेज के प्रबंध निदेशक नवीन जैन को श्रीवास्तव के स्थान पर रोडवेज का अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक बनाया गया है। नन्नूमल पहाड़िया को सवाईमाधोपुर और विश्राम मीणा को बाड़मेर का कलेक्टर बनाया गया है। बाड़मेर कलेक्टर अंशदीप को सामाजिक न्याय व अधिकारिता विभाग में निदेशक के पद पर लगाया है।

वहीं, गवांडे प्रदीप केशवराय को अतिरिक्त मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं निदेशक (आईईसी) एवं अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा एजेंसी के पद पर लगाया गया है। तीन आईएएस अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

जयपुर मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. समित शर्मा को शासन सचिव गृह विभाग द्वितीय, कॉलेज शिक्षा आयुक्त प्रदीप कुमार बोरड को खाद्य व नागरिक आपूर्ति निगम, वाणिज्य कर आयुक्त डॉ प्रीतम बी यशवंत को राजस्थान चिकित्सा सेवा निगम के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

विभाग ने 22 राजस्थान प्रशासिनक सेवा के अधिकारियों के भी तबादले किए हैं। 10 अधिकारियों की सेवाएं अस्थाई रूप से अग्रिम आदेश तक भीलवाड़ा और झुंझुनूं जिला कलेक्टर को सौंपी गई हैं।
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राजस्थान सरकार की कर्मचारियों को सौगात, महंगाई भत्ते में पांच फीसदी की वृद्धि की

राजस्थान: लॉकडाउन के बीच डूंगरपुर पहुंचे बाप बेटे, निकले कोरोना पॉजिटिव

कोरोना वायरस की चेन तोड़ने के लिए देश में सरकार ने लॉकडाउन किया हुआ है। ऐसे में मजदूर महानगरों से अपने-अपने गांव पहुंच रहे हैं। इसी बीच इंदौर में काम करने वाले दो मजदूर मोटरसाइकिल के जरिए राजस्थान के डूंगरपुर जिले में स्थित अपने गांव पहुंच गए। जहां उनकी तबीयत खराब होने पर जब टेस्ट कराया गया तो वे दोनों कोरोना पॉजिटिव निकले।

राजस्थान के दक्षिणी आदिवासी जिले डूंगरपुर में बाप-बेटे की कोरोना परीक्षण रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं डूंगरपुर में कोरोना मरीज मिलने की सूचना मिलने के बाद से पूरे जिले में हड़कंप मच गया है। यहां बड़ी संख्या में देशभर से मजदूर वापस पहुंचे हैं। इससे जिला-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।

25 मार्च को पहुंचे थे गांव
जिलाधिकारी कानाराम ने बताया कि बाप-बेटे मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में रहते थे और देशबंदी के दौरान बाइक से 25 मार्च को अपने गांव पहुंचे थे। गांव और घर में 24 घंटे रहने के बाद 48 साल के पिता और 14 साल के बेटे दोनों की तबियत खराब हो गई। जिसके बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। 

जहां डॉक्टरों को दोनों में कोरोना वायरस के लक्षण मिले और उन्हें एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल भेजा गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला अस्पताल में दोनों के नमूने लेने के बाद उन्हें आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। उदयपुर से आई जांच रिपोर्ट में दोनों कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। 

वहीं उनके पॉजिटिव मिलने के बाद जिला प्रशासन ने हरकत में आते हुए उनके घर से एक किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगा दिया है। इसके अलावा मरीजों के संपर्क में आने वाले परिजनों और अन्य लोगों को चिन्हित कर उन्हें क्वारांटाइन (एकांतवास) वार्ड में लाने का काम शुरू कर दिया है।

अभी तक डूंगरपुर जिले से 34 संदिग्धों के नमूने भेजे गए थे जिसमें से 27 की रिपोर्ट नेगेटिव और दो की पॉजिटिव आई है। इसके अलावा पांच की रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं राजस्थान में संक्रमित मरीजों की संख्या 52 हो गई है।
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Coronavirus : राजस्थान में 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत, कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, संख्या 45 हुई

राजस्थान में कोरोना पॉजिटिव पाए गए एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की भीलवाड़ा में गुरुवार रात मौत हो गई। वहीं प्रदेश में संक्रमित मरीजों की कुल संख्या बढ़कर 45 हो गई है। बता दें कि बुजुर्ग की मौत को राज्य में कोरोना वायरस के कारण हुई दूसरी मौत माना जा रहा है। 


जानकारी के अनुसार, राजस्थान के भीलवाड़ा में कोविड-19 पॉजिटिव और अन्य बीमारियों से पीड़ित 60 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई है।  स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मरीज की मौत के साथ ही उसके दो नजदीकी रिश्तेदार भी कोविड-19 से पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके साथ ही राज्य में पॉजिटिव मरीजों की संख्या 45 पहुंच गई है।

उन्होंने कहा कि 60 वर्षीय मृतक पहले से ही दिल और किडनी संबंधी बीमारियों से पीड़ित था और उसे भीलवाड़ा के उस निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां के एक चिकित्सक और नर्सिंग कर्मी कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए थे।

अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) रोहित कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि मरीज की मौत गुरुवार रात को हुई थी। चिकित्कसकों का मानना है कि मरीज की मौत अन्य बीमारियों के कारण हुई है।

गुरुवार रात को 60 वर्षीय व्यक्ति की मौत के साथ राज्य में अब तक कोविड-19 पॉजिटिव और अन्य बीमारियों से पीड़ित दो लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में अब तक 45 कोविड-19 पॉजिटिव मरीज पाए गए हैं। राज्यभर में 22 मार्च से लॉकडाउन है।

अधिकारियों ने दावा किया कि दोनों मरीज की मौत अन्य बीमारियों के कारण हुई है। इससे पहले इटली के एक पर्यटक की वायरस से उबरने के बाद दिल और फेफड़े की समस्याओं के चलते राजधानी के एक निजी अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी।

भीलवाड़ा के जिला कलेक्टर ने जिले में कोरोना वायरस मरीजों के लिए आइसोलेशन की सुविधा बढ़ाने के लिए पांच निजी अस्पतालों को नियंत्रण में लिया है।

कलेक्टर राजेंद्र भट्ट ने बताया कि जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार 6445 लोगों को घर में ही पृथक करके रखा गया है। जिले में मरीजों के लिए अस्पतालों के अलावा होटल/रिसोर्ट/हॉस्टल को भी नियंत्रण में लिया गया है।

यहां 1511 क्वारेंटाइन बैड और 12,900 बैड डोरमेटरी और हॉल का प्रबंध किया गया है। जिला अस्पताल में 200 बैड के पृथक वार्ड के अलावा 35 बैड वाला आइसोलेशन वार्ड एक निजी अस्पताल में खोला गया है।
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इटली से राजस्थान के भीलवाड़ा की तुलना, क्या हालत हो गए हैं इतने बेकाबू?

कोरोना वायरस अब पूरी दुनिया के साथ भारत में भी अपना पैर तेजी से फैलाते जा रहा है। भारत में कोरोना वायरस से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 700 से ज्यादा लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। गुरुवार को भारत में कोरोनावायरस से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। गुरुवार को इस वायरस ने सात लोगों की जान ली है।

वहीं, गुरुवार को देशभर में कोरोनावायरस के 71 से भी ज्यादा मामले मिले हैं, जिनमें से चार केवल राजधानी दिल्ली से है। ऐसे में राजस्थान के भीलवाड़ा में कोरोना वायरस के तेजी से मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि, राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा का कहना है कि हालात अभी पूरी तरह से काबू में हैं।

रघु शर्मा ने नगर के हालात को लेकर कहा, 'भीलवाड़ा की तुलना इटली से बिल्कुल नहीं की जा सकती। यहां के हालात पूरी तरह से नियंत्रण में है।" रघु शर्मा ने लोकल मीडिया की तरफ से की जा रही कवरेज पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि लोकल मीडिया चार लाख की आबादी वाले इस नगर को राज्य में कोरोनावायरस का मुख्य केंद्र की तरह दिखा रहा है।



यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भीलवाड़ा शहर में पिछले एक हफ्ते से कर्फ्यू लगा है। यहां कोरोनावायरस के हालात को देखते हुए केंद्र की तरफ से भी चिंता जताई गई है। भीलवाड़ा में अब तक Covid-19 के अठारह सकारात्मक मामलों का पता चला है, जिसमें से पिछले दो दिनों में पांच मामले शामिल हैं। वहीं, राज्य भर में अब तक कुल 41 मामलों की पुष्टि हो चुकी है।

73 वर्षीय किडनी के एक मरीज नारायण सिंह में Covid-19 पाया गया जिनका भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में निधन हो गया, लेकिन राज्य सरकार ने कहा कि Covid-19 को मौत के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है, क्योंकि वह गुर्दे की विफलता और मस्तिष्क रक्तस्राव से पीड़ित थे। 
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