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मध्य प्रदेश

सोमवार, 16 दिसंबर 2019

छतरपुर हीरा खदान: आमने-सामने बिड़ला और अडानी समूह, 80 हजार करोड़ पहुंची बोली

मध्यप्रदेश छतरपुर में स्थित देश की सबसे बड़ी हीरा खदान की बोली के लिए बिड़ला और अडानी समूह आमने-सामने हैं। सरकार ने इन खदानों के लिए सरकार ने इस खदान की बोली (ऑफसेट प्राइज) 55 हजार करोड़ रुपये तय की थी लेकिन बोली शुरू होने के 24 घंटे के अंदर यह  80 हजार करोड़ रुपये पहुंच गई है।

छतरपुर जिले में स्थित बक्सवाह की इस बंदर हीरा खदान के लिए मंगलवार को बोली शुरू हुई थी। सरकार को इस नीलामी से खासा राजस्व मिलने की उम्मीद है। बता दें कि छतरपुर की बंदर हीरा खदान के लिए पांच कंपनियों ने 13 नवंबर को खुली प्रथम चरण की निविदा में बोली जमा कर अपना दावा प्रस्तुत किया था। लेकिन, मंगलवार शाम को जारी बिड में अडानी और बिड़ला समूह ही बचे हैं। 

बोली में शामिल कंपनियों के लिए शर्तें
देश की सबसे बड़ी खदान के लिए नीलामी में भाग लेने के लिए भारत सरकार के नियमानुसार लगभग 56 करोड़ रुपए की सुरक्षा निधि जमा कराई जानी थी। इसके लिए आवेदन कंपनी की नेटवर्थ कम से कम 1100 करोड़ रुपए होना आवश्यक था। उल्लेखनीय है 55 हजार करोड़ की यह खदान रियो टिंटो कंपनी ने छोड़ी थी।

किसे मिलेगा खदान
हीरा खदान की बोली में अव्वल आने वाली कंपनी को 11.50 प्रतिशत से अधिक जो भी अंतिम बोली होगी, उस पर रायल्टी जमा करना पड़ेगा। मतलब कंपनी को 1000 करोड़ मूल्य के हीरा खनन करने पर 3.50 करोड़ रुपये बतौर रायल्टी सरकार को देनी होगी।
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जैन, गुजराती समाज ने प्री-वेडिंग फोटो शूट पर लगाया प्रतिबंध, एमपी के मंत्री का समर्थन

मध्य प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने जैन और गुजराती समाज के संगठनों द्वारा शादी के पहले फोटो खिंचवाने (प्री-वेडिंग शूट) और महिलाओं के डांस प्रैक्टिस पर प्रतिबंध लगाने के फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह निश्चित रूप से हमारी संस्कृति के विरुद्ध है। यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं था। मैं मानता हूं कि लोग जो भी प्रतिबंध लगाते हैं वह सामाजिक दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर करते हैं। लोग अगर रीति-रिवाजों व संस्कृति का पालन करेंगे तो उनका शादीशुदा जीवन ज्यादा अच्छा व सफल रहेगा।

मालूम हो कि जैन व गुजराती समाज के संगठनों ने मंगलवार को अपने समाज के लोगों को शादी के पहले फोटो खिंचाने व शादी कार्यक्रम के लिए महिलाओं के डांस प्रैक्टिस के लिए पुुरुष कोरियोग्राफरों की सेवा लेने पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया। इस बारे में उसने एक सर्कुलर जारी कर समाज के लोगों को सूचित किया है। उनके इस फैसले की समाज की युवा पीढ़ी ने आलोचना करते हुए अपने फैसले पर दोबारा से विचार करने को कहा है।
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कमलनाथ की मंत्री के अजब बोल- घर से बाहर लड़कियां करती हैं मेहनत, लड़के पीते हैं बीयर

मध्य प्रदेश की बाल एवं महिला विकास मंत्री इमरती देवी ने लड़कियों और लड़के को लेकर एक अजीबोगरीब बयान दिया है। मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान इमरती देवी ने कहा कि जब बेटियां पढ़ाई या काम के लिए शहरों में जाती हैं, तो वे अपने कार्यों को सही तरीके से करती हैं, जबकि बेटे अपने दोस्तों के साथ मिलकर बीयर पीते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि, हम माताओं को इस बारे में सोचना चाहिए कि किस तरह हमारी बेटियां अपनी पढ़ाई या कामों में प्रगति करे। जो लड़की दूसरे शहरों में जाती है वह मेहनत करती हैं या पढ़ाई करती हैं। हालांकि, हमारे बेटों के मामले में ऐसा नहीं है जब दो दोस्त मिलते हैं वे कई बार बीयर पीना शुरू कर देते हैं। 

मंत्री ने कहा कि महिलाओं को अपनी उम्र की परवाह किए बिना अध्ययन करना जरूरी है। उन्होंने अपना खुद का उदाहरण देते हुए कहा मुझे देखो। जब मैं एक बच्ची थी तब मैं अच्छी तरह से नहीं पढ़ी थी लेकिन बाद में मैंने अपने जीवन में पढ़ाई की। इसलिए इसी तरह से एक महिला अपने जीवन के किसी भी चरण में सीख सकती है।
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मध्यप्रदेश: कलेक्टर का आदेश, बंदूक का लाइसेंस चाहिए तो गौशाला में देने होंगे 10 कंबल

ग्वालियर के कलेक्टर अनुराग चौधरी ने शनिवार को लाल टिपारा और गोला का मंदिर स्थित गौशाला का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गायों की स्थिति को देखकर उन्होंने ग्वालियर जिले में बंदूक का लाइसेंस लेने के इच्छुक लोगों के लिए एक शर्त रखी।

कलेक्टर चौधरी ने बताया कि गौशाला में गायों को ठंड से बचाने के लिए यह तय किया गया है कि यदि किसी को बंदूक का लाइसेंस चाहिए तो उसे गौशाला को 10 कंबल देने होंगे। संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस संबंधी निर्देश दे दिए गए हैं।

गौरतलब है कि कलेक्टर चौधरी ने छह महीने पहले आदेश दिया था कि बंदूक का लाइसेंस चाहने वालों को 10 पौधे लगाने होंगे और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के साथ पौधों के फोटो आवेदन के साथ देने होंगे। कलेक्टर ने इस अवधि में बंदूकों के करीब 147 लाइसेंस जारी किए और इस दौरान करीब 1700 पौधे भी लगाए गए।

गोला का मंदिर स्थित गौशाला में पिछले हफ्ते ठंड से छह गायों की मौत हुई थी। इसके बाद कलेक्टर चौधरी ने वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करके रेड क्रॉस की ओर से तीन लाख रुपए की धनराशि गौशाला को दी थी। इस समय ग्वालियर में नगर निगम की दो गौशालाएं, गोला का मंदिर और लाल टिपारा में हैं और इनमें करीब 8,000 गायें हैं।
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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

हनी ट्रैप: फरार जितेंद्र सोनी के भाई और भतीजे के कारखाने पर नगर निगम ने चलाया बुल्डोजर

मानव तस्करी समेत कई आपराधिक मामलों में पखवाड़े भर से फरार चल रहे एक स्थानीय कारोबारी के करीबी रिश्तेदारों का अवैध कारखाना यहां शनिवार को ढहा दिया गया। इस कारोबारी की गिरफ्तारी पर इनाम की रकम बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी गई है।

इंदौर नगर निगम (आईएमसी) के अधिकारियों ने बताया कि पोलोग्राउंड औद्योगिक क्षेत्र में 2,500 वर्ग फुट से ज्यादा क्षेत्रफल में अवैध रूप से बना कारखाना जमींदोज कर दिया गया। इस कारखाने में इलेक्ट्रोप्लेटिंग (धातुओं से बनी वस्तुओं पर अन्य धातुओं की पतली परत चढ़ाना) का काम होता था।

उन्होंने बताया कि जांच में पता चला है कि इस कारखाने को फरार कारोबारी जितेंद्र सोनी के भाई महेंद्र सोनी और उनके भतीजे जिग्नेश सोनी द्वारा चलाया जा रहा था। लेकिन इसके निर्माण के लिये आईएमसी से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इस इकाई के निर्माण में राज्य के उद्योग विभाग के तय पैमानों का भी उल्लंघन किया गया था।

अधिकारियों ने बताया कि गड़बड़ियों की अलग-अलग शिकायतें सही पाए जाने पर यहां जितेंद्र सोनी के एक सांध्य दैनिक का दफ्तर, दो बंगले, नाइट क्लब, होटल और रेस्तरां के अन्य अवैध निर्माण पहले ही हटाए जा चुके हैं।

इस बीच, पुलिस अधीक्षक (पूर्वी क्षेत्र) मोहम्मद यूसुफ कुरैशी ने बताया कि प्रदेश सरकार ने जितेंद्र सोनी की गिरफ्तारी पर इनाम की रकम 30,000 रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है जिसे मानव तस्करी समेत 30 से ज्यादा आपराधिक मामलों में कथित भूमिका के लिए ढूंढ़ा जा रहा है।

उन्होंने बताया कि जितेंद्र सोनी के दो भाइयों-महेंद्र सोनी और हुकुम सोनी पर भी मानव तस्करी और अन्य मामलों में पांच-पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जितेंद्र सोनी की करीबी महिला मित्र सोनिया पर धोखाधड़ी के मामले में पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

सोनी, 'संझा लोकस्वामी' के मालिक और प्रधान संपादक भी हैं। शाम का यह अखबार प्रदेश के कुख्यात हनी ट्रैप मामले में फंसे राजनेताओं और नौकरशाही से जुड़े रसूखदार लोगों से कथित रूप से संबंधित ऑडियो-वीडियो पर आधारित खबरें पिछले कई दिनों से प्रकाशित और प्रसारित कर रहा था।
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हनी ट्रैप: फरार आरोपी जीतू सोनी पर सरकार ने घोषित किया एक लाख का इनाम

मध्यप्रदेश में इंदौर हनी ट्रैप मामले में फरार आरोपी जीतू सोनी पर राज्य के गृह मंत्रालय ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया है। इस से पहले स्थानीय कारोबारी और एक सांध्य दैनिक के मालिक जीतेन्द्र सोनी उर्फ जीतू सोनी के बार से कई लड़कियों और नाबालिग लड़कों को बचाया गया। 
 



साथ ही जीतू उसके बेटे समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। इंदौर एसएसपी रुचि वर्धन मिश्रा ने बताया कि एसएसपी ने बताया कि जीतू सोनी द्वारा संचालित बार 'माई होम' से 67 महिलाओं-युवतियों और सात नाबालिग लड़कों को बचाया गया। उन्हें ग्राहक को लुभाने के लिए रखा गया था और ग्राहकों द्वारा मिलने वाली टिप ही उनकी कमाई थी।

उन्होंने बताया कि जीतू सोनी (जीतेंद्र सोनी), उसके बेटे अमित सोनी और अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इनके खिलाफ इंदौर हनीट्रैप मामले में आईटी कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। अमित सोनी बार का मैनेजर है।

एसएसपी ने कहा, चूंकि मुख्य आरोपी (जीतू सोनी) अभी भी फरार है, उसके आवास और कार्यालय पर छापेमारी की गई जहां से कुछ इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, तीन सेफ और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। अमित सोनी की भूमिका का पता लगाया जा रहा है, अगर वह इसमें शामिल पाया गया तो उसके खिलाफ जरूरी कार्रवाई की जाएगी। 
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भोपाल: माखनलाल में पत्रकारिता के छात्रों ने किया प्रदर्शन, दो प्रोफेसरों पर लगाए गंभीर आरोप

प्रतीकात्मक तस्वीर
भोपाल में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के छात्रों ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। छात्रों के मुताबिक उनका प्रदर्शन दो विजिटिंग प्रोफेसरों, दिलीप मंडल और मुकेश कुमार के खिलाफ है। छात्रों ने दोनों विजिटिंग प्रोफेसरों आरोप लगाया कि वे छात्रों में जातिगत विभाजन पैदा करते हैं।

छात्रों ने वीसी से दोनों प्रोफेसरों को निलंबित करने की मांग की है। छात्रों के मुताबिक वीसी ने इस मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने बताया, हमने इस बारे में कुलपति को ज्ञापन सौंपा है। वे सोशल मीडिया पर और वर्ग में छात्रों की जाति पूछते हैं और उन लोगों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं जो उच्च जाति के हैं। इससे छात्रों में जाति विभाजन पैदा होता है। हमने उनके निलंबन की मांग की है। हमारे विरोध के बारे में गलत बयान दिए जा रहे हैं।
 


इस मामले में रजिस्ट्रार दीपेंद्र बघेल ने कहा, मैंने उनकी मांग स्वीकार कर ली है, जांच के लिे बनाई गई समिति में उन्हें भी शामिल किया जाएगा। जांच पूरी होने तक दिलीप मंडल और मुकेश कुमार विश्वविद्यालय में प्रवेश नहीं करेंगे। 

एएसपी संजय साहू ने कहा, कुलपति के चेंबर के बाहर छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। रजिस्ट्रार ने उनसे उनकी शिकायतों के बारे में भी बात की। वे दोनों प्रोफेसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चाहते हैं। एक समिति बनाई गई है। कमेटी 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देगी।
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नागरिकता कानून पर उबाल, इन राज्यों का कानून को हरी झंडी देने से इनकार

नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर विपक्षी पार्टियों की तरफ से लगातार विरोध किया जा रहा है। साथ ही पूर्वोत्तर भारत में भी इसको लेकर विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस ने इस विधेयक को असंवैधानिक करार दिया। वहीं, कांग्रेस शासित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने कहा है कि वे इस बिल को लेकर उनकी पार्टी के रुख का समर्थन करते हैं। इस तरह अब तक छह राज्यों के सीएम इसे अपने राज्य में नहीं लागू करने की बात कह चुके हैं। 



मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस पार्टी ने जो भी रुख अपनाया है, हम उसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि क्या हम उस प्रक्रिया का हिस्सा बनना चाहते हैं जो विभाजन का बीज बोती है?



दूसरी ओर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर हमारा रुख कांग्रेस पार्टी द्वारा लिए गए रुख से बिल्कुल भी अलग नहीं है। हमारा रुख भी उनके जैसा ही है। हम इस बिल का विरोध करते हैं, क्योंकि यह असंवैधानिक है। 

कांग्रेस की नीति का पालन करेंगे: बालासाहेब थोराट

वहीं, महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता बालासाहेब थोराट से जब पूछा गया कि क्या महाराष्ट्र सरकार नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू करेगी, तो उन्होंने इसके जबाव में कहा कि हम अपनी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की नीति का पालन करेंगे। हम पूरी तरह पार्टी के रुख के साथ है। 
वहीं, महाराष्ट्र के गृह मंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिव सेना पर कोई दबाव नहीं है, और होगा भी नहीं। उद्धव ठाकरे जनता के हितों पर फैसला लेने के लिए सक्षम हैं।  




6 राज्यों का इनकार 

इससे पहले पश्चिम बंगाल, पंजाब और केरल सरकार भी इसे अपने राज्य में लागू नहीं करने का एलान कर चुके हैं। इस तरह से अब ये कानून देश के इन छह राज्यों में लागू नहीं होगा। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी शुरुआत से ही इस बिल के विरोध में हैं और किसी भी हाल में इसे लागू नहीं करने की बात कह चुकी हैं। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और केरल के सीएम पिनरई विजयन भी इसपर अपना विरोध जता चुके हैं। 

राज्यों के लिए बाध्यकारी 

वहीं, सरकार के सूत्रों ने कहा कि नागरिकता का विषय संविधान की सातवीं अनुसूची में आता है इसलिए इससे मानना बाध्यकारी है। सभी राज्यों को नागरिकता बिल संशोधन को मानना ही होगा। 
 
राष्ट्रपति की मंजूरी से बना कानून

पूर्वोत्तर में जारी भारी हिंसा के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राज्यसभा से पास होने के अगले ही दिन नागरिकता संशोधन विधेयक-2019 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही यह कानून बन गया और पाकिस्तान, अफगानिस्तान तथा बांग्लादेश के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने का रास्ता साफ हो गया। विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद सरकार ने सोमवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसभा में यह बिल पास करवा लिया था।

क्या है नागरिकता संशोधन कानून?

नागरिकता संशोधन बिल के द्वारा नागरिकता अधिनियम 1955 के प्रावधानों में बदलाव किया गया है। नागरिकता बिल में इस संशोधन से बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदुओं के साथ ही सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाइयों के लिए बगैर वैध दस्तावेजों के भी भारतीय नागरिकता हासिल करने का रास्ता साफ हो गया है।

कम हो गई निवास अवधि

भारत की नागरिकता हासिल करने के लिए देश में 11 साल निवास करने वाले लोग योग्य होते हैं। नागरिकता संशोधन बिल के द्वारा अब बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के शरणार्थियों के लिए निवास अवधि की बाध्यता को 11 साल से घटाकर छह साल कर दी गई है।
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MP Board 2020: परीक्षा का टाइम टेबल जारी, यहां देखें पूरा शेड्यूल

मध्यप्रदेश बोर्ड परीक्षा 2020 (MP Board Exam 2020) का टाइम टेबल जारी किया जा चुका है। 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के लिए बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल जारी किया गया है। परीक्षा का पूरा शेड्यूल बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया गया है। जो विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं, वे अब मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षण मंडल (MP Board) की वेबसाइट पर जाकर टाइम टेबल डाउनलोड कर सकते हैं।

इस शेड्यूल के अनुसार, 10वीं और 12वीं दोनों कक्षाओं के लिए बोर्ड परीक्षाएं मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होंगी। 10वीं कक्षा यानी हाई स्कूल की बोर्ड परीक्षाएं 3 मार्च 2020 से शुरू होकर 27 मार्च 2020 तक चलेंगी। जबकि 12वीं कक्षा यानी हायर सेकेंडरी स्कूल / इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं 2 मार्च 2020 से शुरू होकर 31 मार्च 2020 तक आयोजित की जाएंगी।

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ऐसा पहली बार होगा जब मध्यप्रदेश में दोनों कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाएं मार्च में शुरू होकर उसी महीने खत्म भी हो जाएंगी। बोर्ड के अनुसार, इस बार दोनों कक्षाओं की परीक्षा में पूरे प्रदेश से करीब 19 लाख नियमित और करीब 4 लाख प्राइवेट श्रेणी से छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।

बोर्ड परीक्षाएं दी गई तारीखों में सुबह 9 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक संचालित की जाएंगी। परीक्षार्थियों को सुबह 8.30 बजे तक परीक्षा केंद्र पर पहुंच जाना होगा। 

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टाइम टेबल डाउनलोड करने के लिए मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाने के लिए यहां क्लिक करें।
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भोपाल हाईकोर्ट ने प्रज्ञा ठाकुर के आवेदन को किया खारिज, निर्वाचन रद्द करने की अर्जी को दी थी चुनौती

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर के आवेदन को खारिज कर दिया। आवेदन में प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल से उनके लोकसभा चुनाव को चुनौती देने वाली याचिका की स्थिरता पर सवाल उठाया था और भोपाल सीट से उनका निर्वाचन रद्द करने की मांग करने वाली अर्जी को खारिज करने की मांग की थी।

गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान धार्मिक आधार पर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में भोपाल के पत्रकार राकेश दीक्षित ने प्रज्ञा के खिलाफ चुनाव याचिका दायर कर उनका निर्वाचन रद्द करने की मांग की है। इस याचिका के खिलाफ प्रज्ञा ने अर्जी देकर इसे खारिज करने का अनुरोध किया था।

याचिकाकर्ता दीक्षित के वकील अरविन्द श्रीवास्तव ने बताया कि हाईकोर्ट के जज विशाल धगट ने प्रज्ञा के उस आवेदन को शुक्रवार को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने अपने निर्वाचन को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका को खारिज करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि 30 नवंबर को याचिका दायर करने की चुनौती को बरकरार रखते हुए भाजपा विधायक के आवेदन पर हाईकोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। दीक्षित की याचिका के अनुसार, ठाकुर ने कथित रूप से धार्मिक मुद्दे पर भाषण दिया था, इस प्रकार जनप्रतिनिधित्व कानून 1951 की धारा 123 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया। दीक्षित ने भोपाल लोकसभा क्षेत्र में पंजीकृत मतदाता के रूप में याचिका दायर की है।

बता दें कि मई में हुए लोकसभा चुनाव में भोपाल से कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को हराकर भाजपा के प्रज्ञा ठाकुर ने जीत हासिल की थी।
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फिल्म 'पानीपत' को लेकर राजस्थान के बाद अब मध्यप्रदेश में मचा बवाल, प्रदर्शन रोकने की मांग

आशुतोष गोवारिकर की पीरियड ड्रामा फिल्म 'पानीपत' को लेकर बवाल जारी है। जाट समुदाय का आरोप है कि फिल्म में भरतपुर के तत्कालीन महाराजा सूरजमल के किरदार को गलत तरीके से पेश किया गया है। राजस्थान के कई हिस्सों में फिल्म के शोज बंद कराए गए हैं। अब इसकी आग मध्यप्रदेश में फैल रही है।

मध्यप्रदेश में भी फिल्म पानीपत को लेकर विरोध शुरू हो गया है। यहां जाट संगठनों ने आशुतोष गोवारिकर की पानीपत के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की है। राज्य के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने भी इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि वे जाट समुदाय के साथ हैं।

अखिल भारतीय जाट महासभा की राज्य इकाई के अध्यक्ष विलास पटेल ने कहा कि वे मुख्यमंत्री कमलनाथ से तत्काल प्रभाव से इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग करते हैं। 

बता दें कि मामले को तूल पकड़ता देख अब मेकर्स विवादित सीन के बदलाव वा एडिटिंग (संपादन) के लिए राजी हो गए हैं। फिल्म निर्देशक आशुतोष गोवारिकर  ने राज्य सरकार को विवादित सीन हटाने पर अपनी सहमति दी है।

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