विज्ञापन
विज्ञापन

30 दिनों में पूरी हो सकती है अयोध्या मामले की सुनवाई: मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 18 Sep 2019 04:18 PM IST
फाइल फोटो
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
ख़बर सुनें

खास बातें

  • अयोध्या मामले में 18 अक्तूबर तक बहस पूरी हो, सुप्रीम कोर्ट ने डेडलाइन तय की
  • सुप्रीम कोर्ट ने कहा- पक्षकार चाहें तो मध्यस्थता जारी रख सकते हैं, आपसी समझौते कर प्रस्ताव कोर्ट के सामने रखें
  • जरूरत पड़ी तो रोजाना एक घंटे सुनवाई बढ़ाई जा सकती है और शनिवार को भी सुनवाई
  • सुप्रीम कोर्ट को फैसले लिखने के लिए चार हफ्ते का वक्त चाहिए
उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद के पक्षकार चाहें तो मध्यस्थता के माध्यम से इसका सर्वमान्य समाधान कर सकते हैं। साथ ही न्यायालय ने कहा कि वह इस विवाद की रोजाना हो रही सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी करना चाहता है।
विज्ञापन
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने कहा कि उसे शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश एफएमआई कलीफुल्ला से एक पत्र मिला है। इसमें कहा गया है कि कुछ पक्षकारों ने मध्यस्थता प्रक्रिया फिर से शुरू करने के बारे में उन्हें पत्र लिखा है।

न्यायमूर्ति कलीफुल्ला शीर्ष अदालत द्वारा गठित तीन मध्यस्थता समिति के अध्यक्ष थे। यह मध्यस्थता समिति इस विवाद का सर्वमान्य समाधान खोजने में विफल रही थी। संविधान पीठ ने बुधवार को सुनवाई शुरू होते ही कहा, ‘‘इससे संबंधित एक मुद्दा है। हमें एक पत्र मिला है कि कुछ पक्षकार इस मामले को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाना चाहते हैं।’’

पीठ ने साथ ही यह भी कहा कि पक्षकार ऐसा कर सकते हैं और मध्यस्थता समिति के समक्ष होने वाली कार्यवाही गोपनीय रह सकती है। पीठ ने कहा कि भूमि विवाद मामले की छह अगस्त से रोजाना हो रही सुनवाई काफी आगे बढ़ चुकी है और यह जारी रहेगी।

संविधान पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति धनंजय वाई चंद्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर शामिल हैं। हालांकि, पीठ ने स्पष्ट किया कि न्यायमूर्ति कलीफुल्ला की अध्यक्षता में समिति के समक्ष मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है और यह गोपनीय ही रहेगी।

पीठ ने हिंदू और मुस्लिम पक्षकारों से कहा कि वह इस मामले की रोजाना चल रही सुनवाई आठ अक्टूबर तक पूरा करना चाहती है ताकि न्यायाधीशों को फैसला लिखने के लिये करीब चार सप्ताह का वक्त मिल सके। संविधान पीठ की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रधान न्यायाधीश गोगोई 17 नवंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

शीर्ष अदालत ने न्यायमूर्ति कलीफुल्ला की अध्यक्षता वाली मध्यस्थता समिति की रिपोर्ट का संज्ञान लिया था। समिति ने करीब चार महीने फैजाबाद में विभिन्न पक्षों से बातचीत की लेकिन इसका कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला। इसके बाद ही न्यायालय ने छह अगस्त से इस मामले की रोजाना सुनवाई करने का निश्चय किया।

शीर्ष अदालत ने इस विवाद को सर्वमान्य समाधान के उद्देश्य से आठ मार्च को मध्यस्थता के लिये भेजा था और इसे आठ सप्ताह में अपनी कार्यवाही पूरी करनी थी। समिति को आशा थी कि इस विवाद का समाधान निकल आयेगा, इसलिए न्यायालय ने इसका कार्यकाल 15 अगस्त तक के लिये बढ़ा दिया था।

शीर्ष अदालत ने समिति की 18 जुलाई तक की कार्यवाही की प्रगति के बारे में रिपोर्ट का अवलोकन किया और इसके बाद ही नियमित सुनवाई करने का निश्चय किया।

शीर्ष अदालत इस समय अयोध्या में 2.77 एकड़ विवादित भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच बराबर बराबर बांटने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सितंबर, 2010 के फैसले में दिये गये आदेश के खिलाफ दायर अपीलों पर सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन

Recommended

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण
Niine

पीरियड्स है करोड़ों लड़कियों के स्कूल छोड़ने का कारण

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा और घर बैठें पाएं प्रसाद : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

India News

नतीजों की आहट से सोनिया कांग्रेस शासित राज्यों की मजबूती में जुटीं

भाजपा शासित राज्य महाराष्ट्र और हरियाणा में सरकार बनाने की संभावनाएं न के बराबर देखते हुए सोनिया गांधी ने कांग्रेस शासित मध्य प्रदेश और राजस्थान के विवाद सुलझाने शुरू कर दिए हैं।

24 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

दबंग 3 का ट्रेलर लॉन्च, अपनी शादी को लेकर सलमान खान ने दिया ये जवाब

सलमान खान की फिल्म दबंग 3 का ट्रेलर लांच हो गया। मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में 'चुलबुल पांडे' फिल्म की पूरी टीम के साथ पहुंचे। देखिए रिपोर्ट

23 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree